क्या आप इन सर्च इंजन के बारे में जानते हैं ?

आज तक हमने गूगल,याहू का नाम सुना है।  लेकिन ऐसे भी सर्च  इंजन है जीने हम नहीं  जानते। आज के इस आर्टिकल हम ऐसे सर्च इंजन के बारे में बात करेंगे क्या पता आप इनको फ्यूचर में उसे करो। 

क्या आप इन सर्च इंजन के बारे में जानते हैं ?

1 . बिंग (Bing)

बिंग ये सर्च इंजन २००९ में launched हुआ था। ये माइक्रोसॉफ्ट का प्रोडक्ट है। दुनिया में गूगल के बाद जो सर्च इंजन उसे होता है वो बिंग है। लेकिन इसका मार्किट शेयर ३% से भी कम है। आपको बिंग में भी सब चीजे गूगल जैसे ही मिलेगी। आपको गूगल के जैसे ही इसका इंटरफ़ेस मिलेगा। इसमें आपको सभी क्षेत्रीय भाषा में भी उपयोग कर पाओगे।


जैसे की गूगल का खुद का अल्गोरिथम है, क्रॉलिंग और इंडेक्सिंग के लिए ,वैसे ही बिंग का भी खुद का अल्गोरिथम है, जो उसके क्रॉलिंग और इंडेक्सिंग के लिए काम आता है। बिंग का सबसे ज़्यादा उपभोगता US में है। ऐसा नहीं है की और देशो में बिंग का उपयोग नहीं होता , लेकिन बोहुत कम होता है।

गूगल एड्स की तरह बिंग का भी बिंग एड्स है जो गूगल एड्स तरह काम करता है। और गूगल एड्स के जैसा बिंग एड्स नेटवर्क भी है , जिसका उपयोग करके आप अपने ब्लोग्स पे एड्स लगा सकते हो। मीडिया.नेट (media.net ) जिसको गूगल एड्स का अप्रूवल नहीं मिलता है वो इस अड़ नेटवर्क का उपयोग भी करते है।



2. याहू (Yahoo!)

याहू के बारे में तो सब जानते होंग। सबसे ज़्यादा प्रसीद सर्च इंजन था तो वो याहू था। याहू  १९९४  में लॉन्च हुआ था। याहू का उपयोग हम ईमेल , सर्च ले लिए सबसे ज़्यादा करते थे। याहू का इंटरफ़ेस एक न्यूज़ साइट जैसा लगता है।

२००० के दशक में याहू का मार्किट शेयर ३५% से भी ज़्यादा था। और एक टाइम याहू को गूगल को ख़रीदनेका भी मौका मिला था, लेकिन वो टाइम याहू ने ठुकरा दिया और आज आप जानते हो याहू का मार्किट शेयर २% भी कम है और गूगल का मार्किट शेयर ९०% से भी ज़्यादा है।

वेरीज़ों मीडिया ने याहू  को खरीद लिया है।  बिंग को लांच के पहले माइक्रोसॉफ्ट ने २००७ में याहू को खरीद ने में रूचि दिखाइए थी और ४५ बिलियन डॉलर की बिड लगाइए थी लेकिन याहू ने मन करदिया था।  उसके बाद  वेरीज़ों मीडिया ने याहू को २०१७ में ५ बिलियन डॉलर में ख़रीदा।


3. बैदु  (Baidu)  

बैदु  इस सर्च इंजन के बारे में बहुत कुमलोग जानते है , लेकिन  ये दुनिया का ४था  सबसे बड़ा सर्च इंजन है।  बैदु का मार्किट शेयर १.५ % से भी कम है। बैदु की सुरुवात २००० में हुई थी।  

बैदु का ९०% सर्च चीन से आता है। चीन में  बैदु ६० % ज़्यादा मार्किट शेयर है, जो वह के लोकल सर्च इंजन  में सबसे ज़्यादा है। १५० मिलियन से ज़्यादा चिनेसे यूजर इस इ रोज यूज़ करते है। बैदु को आप सिर्फ Chinese  भाषा  में इस्तमाल करसकते हो। 

गूगल और बिंग के जैसे बैदु ने भी एड्स की (२००४) सुरुवात बहुत जल्दी करदी थी। आपको सर्च  एड्स , डिस्प्ले एड्स जैसे ओप्तिओंस मिलते है इसमें भी।  अलीबाबा से अच्छी टक्कर मिलती है बैदु को चीन में।  

बैदु चाइना का सर्च इंजन ही नै लेकिन चीन के लोग न्यूज़ , मैप , इंटरनेट टीवी और भी बोहुत कुछ वह के लोग उपयोग कर सकते है।  ये इसलिए भी संभव है ये पूरी दुनिया में सिर्फ Chinese  भाषा में उपलब्ध है। 

4. यांडेक्स  (Yandex)


यांडेक्स ये एक रुस्सियन (Russian) सर्च इंजन है। ये सर्च इंजन रूस  में बहुत लोकप्रिय। यांडेक्स का मार्किट शेयर पुरे विश्व में १% से भी कम का है , इस की शुरुवात गूगल से भी पहले १९९७ हुये थी।

आजके समय में रूस में ५०% भी ज़्यादा मार्किट शेयर है , उसके बाद दूसरे नंबर पे गूगल है। गूगल और बिंग के जैसे यांडेक्स के भी फ्री प्रोडक्ट्स है ईमेल, मैप , म्यूजिक , वीडियो और भी भूत सरे प्रोडट्स फ्री है। आज भी रूस में यांडेक्स.रु का सबसे ज़्यादा उपयोग होता है। जैसे बैदु का चीन में होता था। इसका एक मुखिया कारन यह भी है। यांडेक्स को रुस्सियन लोगो के ध्यान में रखके बनाया गया था और वहकि भाषा को अच्छे से समझता है ये सर्च इंजन।

यांडेक्स को रूस में एक टेक्नोलॉजी ब्रांड नाम से जाना जाता है। यांडेक्स ये पहला सर्च इंजन था जिसने सर्च इंजन पर एड्स दिखाना चालू किया था। और यांडेक्स एड्स को यांडेक्स. डायरेक्ट के नामसे जाना जाता है।

डक डक गो (DuckDuckGo) 

इस सर्च इंजन बारे में बहुत कुमलोग जानते होंगे। ये दुनिया का ६था सर्च इंजन है , डक डक गो की सुरुवात २००८ में हुई थी। 
इसकी बाजार हिस्सेदारी 0.50% से अधिक है और हर साल इसके उपयोगकर्ताओं में वृद्धि हो रही है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसने सर्च हिस्ट्री और प्राइवेसी पर नजर नहीं रखी है। इसका एक फायदा यह है कि आप जो भी ढूंढना चाहते हैं, लेकिन आप चाहते हैं कि Google इस खोज क्वेरी या जानकारी को नहीं देख रहा है जो आप अपनी गोपनीयता और खोज इतिहास को छिपाने के लिए Google में गुप्त मोड (incognito) का उपयोग करते हैं। इसमें यह एक बड़ा फायदा है, कि कोई भी आपके डेटा की निगरानी या भंडारण नहीं करता है।
डक डक गो के सर्च रिजल्ट्स फ़िल्टर होक आते है। इसका मतलब यह है की खुदका डेटाबेस स्टोर नहीं करता जैसे गूगल करता है। ये आपको दूसरे सर्च इंजन से आपके सवालो का जवाब लाके देता है।डक डक गो का इंटरफेस सिंपल और इजी। और इसमें उप्पेर और निचे एडस भी नही मिलते बाकि सर्च इंजन में मिलते है।

अगर आपको सर्च इंजन क्या है, इसके बारे मे जानना चाहते हो तो आप हमारे इस आर्टिकल को भी पढ़ सकते हो। सर्च इंजन गाइड [2020]


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